दंगा पीड़ितों के लिए पहलकदमी




 














 



दिल्ली के मुस्तफाबाद स्थित राहत शिविर में ऐक्टू के साथियों ने आज भी अपनी ओर से मदद की कोशिश की। हिंसा के चलते जिन लोगों के रोज़गार चौपट हो गए, उनको अभी तक सरकार की तरफ से सहायता नही मिली है। कई लोगो का कहना है कि उनके लूटे-जलाए गए दुकानों का कोई 'सर्वे' तक नही हुआ है।
ऐसे में न्याय तो दूर की बात है, लोगों के सामने जीने-खाने की समस्या खड़ी हो गई है। राहत कार्यों में हो रही देरी, दिल्ली सरकार की मंशा पर कई सवाल खड़े कर रही है।
आगे भी ऐक्टू की ओर से हिंसा-प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे।